MERE DESH KO SALAAM

मेरे देश को सलाम


मेरा देश, जिसका नाम India, भारत और है हिंदुस्तान 
दुनिया की सोने की चिड़िया है जिसकी पहचान 
मेरी और 130 करोड़ लोगों की जो एकमात्र है शान 
गरिमामयी मेरे इस देश को है मेरा सलाम। 


हर धर्म के लोग है रहते हिन्दू , ईसाई , सिख और मुसलमान
कोई नमाज अदा करते खुदा को, कोई जपते राम-राम 
कोई पढ़ते Holy Bible और कोई पढ़ते हैं कुरान
इतनी अनेकता में भी एकता वाले मेरे इस देश को है मेरा सलाम। 


जिस देश की स्वतंत्रता के लिए लाखों लोगों ने दे दी अपनी जान
जिसकी रक्षा करने के वास्ते, सीमा पर तैनात है वीर जवान 
मुँहतोड़ जवाब देने की हिम्मत, चाहे आ जाए चीन या जापान 
मेरे वीर भाइयों और मेरे इस पराक्रमी देश को है मेरा सलाम।

 
नए-नए आविष्कार है करता, प्रगतिशील जिसकी है विज्ञान 
ISRO के तकनीक के बलबूते, अंतरिक्ष में चक्कर काट रहा मंगलयान 
'Missileman' के नाम से प्रचलित, जहाँ जन्मे डॉ अब्दुल कलाम 
जिस भूमि पर महात्मा गाँधी और विवेकानंद जैसे महापुरुषों के पैरो के हैं निशान 
उस प्रगतिशील उन्नत भारत को है मेरा सलाम। 


नदी-झरने, पहाड़-पर्वत और जहाँ अनेक हैं तीर्थस्थान 
ये देश है मेरा शान, ये देश ही है मेरी जान और ये ही है मेरा सम्मान 
जरूरत पड़े तो इस मिट्टी पर अपनी जान कर दूँ कुर्बान 
इस भारत भूमि और इस पवित्र मिट्टी को मेरा सादर प्रणाम। 

JAY HIND


WRITTEN BY-

SIDHANT.

HAPPY INDEPENDENCE TO ALL OF YOU..

ALSO DO NOT FORGET TO READ OTHER POEMS..

THANKS FOR READING.











>

CreativeKawi

Author & Editor

Creative writing with valueable content.

3 Comments:

👍Thanks for appreciating me.
Keep loving and keep sharing 👍
Thanks for reading..