प्रहार{Prahaar}
क्या कहूँ मैं उन लोगों को जिन्होंने,
महिलाओं को अपने पैरों तले कुचला है
उन रूढ़िवादी लोगों को
जो समझते हैं कि नारी अवला है
जरूरी है बदलाव इस रूढ़िवादी सोच में,
जरूरत है आधुनिक विचार की
इन लोगों के दिलोदिमाग पर,
नारियों द्वारा एक घातक प्रहार की।

महिलाओं की सीमा है क्या, सिर्फ घर के काम-काज
सिर पर डालो घूँघट और, करो बेकार नियमों का लिहाज़
ये सब तो हैं, पुराने रीति-रिवाज
कब से नारियों की इस तरह, दबाई जा रही है आवाज़
नारियों को 'भोली गाय' की, पहनाई जाती ताज
महिलाएं अब सशक्त हैं, न सहेंगी और दबाव
पढ़-लिखकर नारियां अब, उड़ा रही है जहाज़

भले ही लड़कियों को पढ़ने की छूट है
लेकिन क्या फायदा इसका, हर गली-मोहल्ले में बैठे यमदूत है
रातों को जब कोई लड़की चलती है सुनसान राहों पर
बेशर्म-आदमखोर मिल जाते हैं, उसे हर एक चौराहे पर
चुनरी को संभाले, थोड़ी हिम्मत जुटाए, डर-डरकर वो चलती है
कहीं कोई पीछे तो नहीं, इसलिए पीछे मुड़-मुड़ कर देखती है
उन बेशर्मो को कहाँ कोई फर्क पड़ता है
सुन्दर लड़की देखते ही उनके अंदर का ठरक बढ़ता है
इसी तरह हर रात, किसी-न-किसी लड़की के साथ होता अत्याचार
इसी तरह ही बढ़ रही है रेप और बलात्कार
कभी सोचा है क्या होती होगी उस लड़की की मानसिक हालत
समाज में रह जाती होगी उसकी क्या इज़्ज़त
पूछे जाते हैं उससे कितने उलटे-पुल्टे सवाल
बनाया जाता है उसपर कितना अधिक दबाव
क्या आधुनिक दुनिया का यही हुआ है लाभ
लड़की की सुंदरता अब उसकी, बन गयी है अभिशाप
आगे बढ़ने वाली लड़कियाँ भी अब, रुक रही है अपने आप
इसी वजह से लड़कियों को बाहर निकलने से, रोक रहे है माँ-बाप

तुम अत्याचारी गलत तो करते हो, फिर देते हो नारियों को मार
बहुत सह लिया नारियों ने, तुम सहोगे अगली बार
देश के साथ-साथ, अब साथ में है सरकार
अब तुम्हें मिलेगी फटकार, तुमपर होगा अत्याचार
नारियों द्वारा तुमपर अब होगा जोरदार प्रहार।।
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IMPORTANT- यह विषय एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है क्योंकि ये समाज के सबसे महत्वपूर्ण जाति, नारी जाति के बारे में है। क्या हो गया है आज-कल के लोगों को, क्या किसी लड़की को रास्ते पर अपने-आप को सुरक्षित महसूस करने का हक़ नहीं, क्या उसकी सुंदरता उसके लिए अभिशाप है, क्या उनका जिस्म एक खिलौना है जिसे जब मन चाहे छुआ,जब मन चाहे फेंक दिया। वो भारत देश जहाँ लड़कियों को लक्ष्मी, सीता, दुर्गा आदि माताओं का रूप समझा जाता हैं, उसी देश में लड़कियों के साथ यौन-शोषण के सबसे ज्यादा मामले दर्ज़ हैं। उन्हें कौन समझाए कि हर नारी ही माता का रूप होती है। क्या हमेशा उन दरिंदो को गुनाह करने दिया जाएगा नहीं अब देश जाग चूका है, अब उनलोगों को जो इस तरह के अश्लील हरकते करते है उन्हें कड़ी-से-कड़ी सजा दी जाएगी और हर वो कोशिश की जाएगी ताकि नारियों को इन्साफ मिले।
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WRITTEN BY-
SIDHANT
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Thanks for Reading.


👌👌👍👍
ReplyDeletesarkar kuch nhi karti h
ReplyDeletedesh me itne rape case hote h per sarkar or police toh jo bina license ke gadi chala rha h uske piche padi.
true lines my humble request to all please support him #Sidhant.
��������
ReplyDeleteRapist log ko on the spot shoot kar Dena cha hiye
ReplyDeleteGood job kawi raj sidhant 👍👍
excellent
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