ZINDAGI {PART-4}

love your life but love is not your lifeअब आशिक़ो के बारे में भी लिख लेते हैं:ZINDAGI {PART-4}

ज़िन्दगी {Zindagi}
love your life but love is not your life


अब आशिक़ो के बारे में भी लिख लेते हैं: 

प्यार किया मैंने सिर्फ पहली दफा 
लेकिन वो लड़की भी निकली बेवफा 
मै रहा बहुत ख़फ़ा
I DON'T WANT TO TALK MY MUMMY & PAPPA
ख़याल उसका मेरे दिमाग में छपा 

सोचा मैंने कि वहीँ उसे मै मार डालूँ 
उसके सुखी संसार को मै भी उजाड़ डालूं 
लेकिन Mom-Dad के संस्कार ने मुझे रोक दिया 
सोचता हूँ क्यों मैंने अपने को इस दलदल में झोंक दिया 
इसके बाद मै किसी faith न कर पाया 
कोई मेरे साथ नहीं था, खुद को मैंने अकेला पाया 
depression में मुझको कुछ न समझ आया 
खुदको मैंने फांसी के फंदे से लटकाया 
 

 मुझको समझ नहीं आता इन्हे ये ख्याल कैसे आते हैं 
        तुम्हे ऐसे देखकर माँ-बाप के हाल कैसे होते हैं
क्या सोचकर ये गलत कदम उठाते हैं 
प्यार के इस जाल में अच्छे-अच्छे बेहाल हो जाते हैं 
प्यार के लिए जान देना नामर्द की निशानी है 
उसको कोई फिकर नहीं इसमें तुमको ही हानि है 
हर धोका खाए आशिक़ की बस यही कहानी है 
ये बात आज की नहीं, ये बात बहुत पुरानी है 

प्यार के लिए जो जाते in depression
उनको देना चाहता हूँ मै एक छोटा-सा lesson 
 
पहली गयी तो दूजी मिल जाएगी 
स्वेता गयी तो suzzy मिल जाएगी 
भले ही वो सोना थी तुझे ruby मिल जाएगी 
वो तो 1G थी तुझको 2G मिल जाएगी 
बहुतों को ये poem पसंद नहीं आएगी 
भटके मुसाफिरों को road पर ले आएगी 
ये लोगों को एक message दे जाएगी 
अभी नहीं, but ये बात बाद में समझ आएगी। 


L    O    V    E

YOUR

L    I    F    E

But only Love is not Your Life.....

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TO BE CONTINUED...

WRITTEN BY-

SIDHANT

Also do not forget to read Zindagi {Part 1, 2 & 3}

THANKS FOR READING.

      
                 
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CreativeKawi

Author & Editor

Creative writing with valueable content.

4 Comments:

👍Thanks for appreciating me.
Keep loving and keep sharing 👍
Thanks for reading..